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Computer Network में TCP Connection Termination क्या होता है?
आज की इस पोस्ट में हम यह चर्चा करेंगे की TCP कैसे 3-way handshake process की सहायता से connection बनाता है और कैसे 4-way handshake का उपयोग करके सुरक्षित तरीके से connection close करता है। TCP Connection Termination के वारे में जानने से पहले हम थोड़ा यह जान लेते है की TCP क्या होता है। तो चलिए शुरू करते है।
TCP 3-Way Handshake[/caption]
यँहा पर हमने नीचे कुछ steps में 3-handshakes के वारे में describe किया है:
TCP 4-Way Handshake[/caption]
ऊपर दिए गए 4-way handshakes के डाइग्राम की स्टेप्स को हमने नीचे कुछ words में describe किया है:
What is TCP in Hindi? - टीसीपी क्या है?
कंप्यूटर नेटवर्क में TCP एक connection-oriented protocol होता है, जिसका यह मतलब होता है की यह सबसे पहले sender और receiver के बीच एक handshake के रूप में एक कनेक्शन को बनाता है। फिर उसके बाद जब दोनों तरफ से connection verify हो जाता है, तो उसके बाद TCP में packets भेजने का सिलसिला शुरू हो जाता है। यह transmission को पूरी तरह से error-free बनाता है और data की delivery को सुनिश्चित करता है। TCP इंटरनेट पर नेटवर्क devices को एक दूसरे से जोड़ने के लिए उपयोग होने वाले communication protocols का वहुत ही बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा है। हमारी पूरी दुनिया में जितना भी internet system है वह पूरा इसी network पर आधारित है। TCP जो है वह एक common protocol है, जो end-to-end डाटा को पहुँचाने में बहुत ही ज्यादा मदत गार होता है। यह हर बार sender और receiver के बीच में एक सुरक्षित connection बनाए रखने का काम करता है। यहाँ पर जितने भी transmitter होते है उन्हें server कहा जाता है, और receiver को client कहा जाता है। दूसरे शब्दों में कहा जाए तो Data का आदान - प्रदान server और client के बीच होता है। इसी बजह से TCP का उपयोग ज्यादातर high-level protocols में किया जाता है, जैसे - SMTP (Simple Mail Transfer Protocol), FTP (File Transfer Protocol), और HTTP (Hyper Text Transfer Protocol).What is TCP Connection Termination in Hindi?
TCP जो है वह, connection install करने के लिए एक 3-way handshake का उपयोग करता है और connection समाप्त करने के लिए 4-way handshake का उपयोग करता है। इस process में क्लाइंट और सर्वर के बीच FIN (Finish)और ACK (Acknowledgment) packets का exchange होता है, जिससे कनेक्शन systematically और reliably रूप से close होता है। इस termination process से डाटा लॉस नहीं होता है और network के resources effectively manage किए जाते है।TCP 3-Way Handshake in Hindi?
TCP में Handshake का मतलब यह होता है की client और server के बीच हमेश connection को एक ही जगह स्थापित करना, ताकि communication possible हो सके। आसान शब्दों में कहे तो, TCP मे handshake एक 3 -way handshake को बनाता है जो डाटा transfer के लिए बहुत जरूरी होता है। Reliable data transmission के लिए, TCP (Transmission Control Protocol) डाटा को भेजने से पहले एक 3 -way handshake का उपयोग करता है। TCP में, reliable communication जो होता है उसे Positive Acknowledgement Re-transmission (PAR) के जरिए हासिल किया जाता है। जब कभी भी कोई sender किसी प्रकार के data को receiver के लिए भेजता है, तो उसके बाद receiver को एक positive acknowledgement भेजनी होती है। जो यह confirm करता है की data सही तरीके से receive हो गया है। अगर किसी कारण से यह acknowledgement sender तक नहीं पहुँचती है, तो डाटा को वापस भेजना पड़ता है। साथ ही यह process यह भी सुनिश्चित करता है, की connection पूरी तरह से सफल और reliable रहे। यँहा पर SYN-SYN-ACK के अपने - अपने और अलग - अलग मतलब है जैसे - SYN का मतलब "synchronize sequence number", और ACK का मतलब "acknowledgment" होता है। इसमें हर एक step जो है वह handshake होती है जो sender और receiver दोनों को communication करने के लिए align करता है। इस process में, server जो है वह sender के रूप में काम करता है, और client जो होता है वह data को receive करने का काम करता है। जैसा की आप अभी नीचे दिए गए diagram में देखने बाले है की successful connection को बनाए रखने के 3 steps कौन कौन से होता है, जिसे आम तौर पर 3-way handshake या फिर SYN-SYN-ACK के नाम से जाना है। ये handshake यह ensure करता है की client और server दोनों डाटा को exchange करने के लिए कैसे तैयार है। [caption id="attachment_2036" align="aligncenter" width="400"]
TCP 3-Way Handshake[/caption]
यँहा पर हमने नीचे कुछ steps में 3-handshakes के वारे में describe किया है:
Step 1: SYN
SYN जो है, वह एक segment है जिस को client द्वारा server को भेजा जाता है। यह segment, Relation की सबसे पहली स्टेज होती है और यह TCP connection को establish करने का भी first step होता है। यह client और server दोनों के बीच Relationship Request को Provided करता है। इसकी सहायता से server को यह informed किया जाता है की क्लाइंट Relation Provided करना चाहता है। SYN segment में sequence Number को coordination करना भी शामिल होता है। यानि SYN जो है वह किसी भी दो अलग - अलग devices के बीच sequence Number का तालमेल बनाए रखने में सहायता करता है। SYN segment में Relation की request के साथ - साथ, Sequence Number भेजने का काम भी होता है, जिससे सर्वर अपनी तरफ से जो response भेजता है उसे सही Sequence Number में भेज सकता है।Step 2: SYN-ACK
यह एक SYN-ACK segment या SYN + ACK segment है जो क्लाइंट को सर्वर प्रदान करता है। इसमें ACK और SYN दोनों सेग्मेंट्स शामिल होते है। इसमें ACK segment जो है, वह client को यह informed करने का काम करता है, की सर्वर ने उसके connection request को receive कर लिया है। फिर उस के बाद यह उस को कनेक्शन प्रोवाइड करने के लिए संभाल कर रखता है। यह SYN segment server के उस sequence number को evident करता है जिसके कारण वह segments भेजने की first stage में है। इस तरह SYN + ACK segment में server जो है वह client के sequence number को भी सपोर्ट करता है और अपनी तरफ से भी कुछ sequence number प्रोवाइड करता है, जिसकी सहायता से reliable और sync connection का संबंध Establish हो। फिर इसके बाद client ACK segment को भेजकर सर्वर के sequence को Accept करता है और data transfer के लिए संबंध स्थापित हो जाता है।Step 3: ACK (Acknowledgement)
ACK (Acknowledgment) जो है वह TCP connection को बनाने का सबसे लास्ट स्टेप है, जो client और server दोनों के बीच एक successful संबंध स्थापित करता है। यह जो ACK segment है वह client के द्वारा server को भेजे गए ACK और SYN का response है, जिसको सर्वर द्वारा प्रोवाइड किया गया होता है। इस तरह से यह segment reliable डाटा कनेक्शन set-up करता है, जो data transfer के लिए बहुत जरूरी होता है। इन तीनो steps के बाद, client और server दोनों के बीच डाटा communication के लिए पूरी तरह से तैयार होता है। TCP connection डाटा को full-duplex mode में operate करता है, इसका यह मतलब है की डाटा जो है वह एक ही समय में दोनों डायरेक्शन में ट्रेवल कर सकता है, जिससे communication में flexibility और efficiency कई ज्यादा बढ़ जाती है। इस तरह, यह process network communication को सुधारने और data integrity को ensure करने में बहुत ही महत्वपूर्ण role play करता है।TCP 4-Way Handshake in Hindi?
कोई भी डिवाइस जब संबंध स्थापित करने से पहले उसको ख़तम करने की कोशिश करता है। तो उस समय TCP को क्लाइंट और सर्वर के बीच डाटा भेजने से पहले संबंध स्थापित करने के लिए 3-way handshake की जरूरत होती है। ठीक उसी तरह, data transmission को बंद करने के लिए 4-way handshake की जरूरत पड़ती है। TCP termination के लिए जरुरी segments भी TCP connection में segment बनाने के समान ही होते है जैसे - ACK और SYN, लेकिन इसमें इनके अलाबा FIN segment भी शामिल होता है। FIN segment जो होता है वह एक डिवाइस के जरिए दूसरे डिवाइस को भेजी गई termination request को दर्शाता है। Data transmission process मैं client जो है वह एक data transmitter है और server एक रिसीवर के रूप में काम करता करता है। नीचे दिए गए 4-way handshakes डायग्राम में हमने बताया है की किस तरह client और server के बीच segments का आदान - प्रदान होता है। [caption id="attachment_2034" align="aligncenter" width="400"]
TCP 4-Way Handshake[/caption]
ऊपर दिए गए 4-way handshakes के डाइग्राम की स्टेप्स को हमने नीचे कुछ words में describe किया है: