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Network Monitoring क्या है? और उसके प्रकार
स्वागत है आपका The Hindi Study के एक और नए ब्लॉग पोस्ट पर! आज हम बात करेंगे "Network Monitoring और उसके Types" के बारे में। Network Monitoring एक ऐसी प्रक्रिया होती है जो नेटवर्क की परफॉर्मेंस और security को बनाए रखने में मदद करती है। यह नेटवर्क के हर एक component पर नजर रखती है और नेटवर्क पर आने वाले किसी भी खतरे को सही तरह पहचान करके उसको solve करने में सहायता करती है।
इस ब्लॉग पोस्ट की सहायता से आप आसान और स्ट्रक्चर्ड तरीके से Network Monitoring के concepts, उसकी importance और उसके अलग-अलग प्रकार (types) के बारे में जानेंगे। तो चलिए, शुरू करते है।
Network Monitoring[/caption]
Thresholds configure करने पर, जैसे ही कोई limit exceed होती है, उसी समय आपको immediate एक alerts प्राप्त (receive) होता है।
Traditional thresholds जो होते है वह static nature के होते है, लेकिन modern यानि आज के समय में बनाए Network Performance Monitoring (NPM) systems बहुत ही ज्यादा advanced machine learning (ML) algorithms का उपयोग करते है, जिन्हे समझना बहुत कठिन होता है।
ML की सहायता से, यह systems दिन का समय (time of day) और week के patterns को analyze करके network metrics के लिए एक normal performance का base line स्थापित करते हैं।
यह एमएल-संचालित आधारभूत कार्रवाई योग्य (ML-powered baseline actionable) और एक context-aware alerts generate करते हैं, जो performance bottlenecks को resolve करने में ज्यादा effective होते हैं। इस तरह के intelligent systems network monitoring को स्मार्ट, कुशल, और विश्वसनीय बनाते हैं।
What is Network Monitoring in Hindi? - नेटवर्क मॉनिटरिंग क्या है?
कंप्यूटर नेटवर्क में Network Monitoring का यह मतलब है की इसमें आप advanced software का उपयोग (use) करके computer network की health और reliability को continuous monitor कर सकते है, जिससे अगर कभी भी उसमे कोई प्रॉब्लम आती है तो आप उसे जल्द से जल्द solve कर सकते है। यह हमेशा process slow traffic, internal network issues, और component failure आदि जैसे कई problems को detect करने पर केंद्रित होती है। दूसरे शब्दों कहे तो यह Network monitoring tools जो है वह network को real-time में scan करते है और फिर अगर उसमे किसी तरह की समस्या आती है, तो ये नेटवर्क के administrators को टेक्स्ट, email, या Slack जैसे ऍप्लिकेशन्स की सहायता से तुरंत उसी समय notify करते है। इनका मुख्य focus हमेशा internal issues जैसे server failures, overloaded routers, और network connection जैसी समश्याओ का पता लगाना और फिर उसके बाद उन्हें resolve करने का होता है, जो बाकी की devices को impact कर सकते है। NPM यानि Network Performance Monitoring जो है वह सिस्टम्स के द्वारा कलेक्ट किए गए और analyzed data के आधार पर एक detailed topology maps को बनाते है और actionable insights प्रदान करते है, जो हमेशा नेटवर्क की परफॉरमेंस को optimize करने में काफी ज्यादा मददगार होते है। Network Monitoring Systems का काम डाटा को कलेक्ट करने का होता है, जिसका उपयोग बाद में traffic flow को analysis, performance और उसकी availability को measure करने के लिए होता है। कंप्यूटर नेटवर्क में Monitoring करते समय thresholds set करना एक effective approach है क्योकि इसके जरिए हम Performance-related issues और बाधाओं का पता आसानी से लगाया जा सकता है। [caption id="attachment_2053" align="aligncenter" width="650"]
Network Monitoring[/caption]
Thresholds configure करने पर, जैसे ही कोई limit exceed होती है, उसी समय आपको immediate एक alerts प्राप्त (receive) होता है।
Traditional thresholds जो होते है वह static nature के होते है, लेकिन modern यानि आज के समय में बनाए Network Performance Monitoring (NPM) systems बहुत ही ज्यादा advanced machine learning (ML) algorithms का उपयोग करते है, जिन्हे समझना बहुत कठिन होता है।
ML की सहायता से, यह systems दिन का समय (time of day) और week के patterns को analyze करके network metrics के लिए एक normal performance का base line स्थापित करते हैं।
यह एमएल-संचालित आधारभूत कार्रवाई योग्य (ML-powered baseline actionable) और एक context-aware alerts generate करते हैं, जो performance bottlenecks को resolve करने में ज्यादा effective होते हैं। इस तरह के intelligent systems network monitoring को स्मार्ट, कुशल, और विश्वसनीय बनाते हैं।
Network Monitoring business के लिए क्यों जरूरी है?
Network monitoring का होना आज के modern businesses के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है क्योकि हम यह तो जानते ही है की आज के समय में ज्यादा तर business ऑनलाइन किया जाता जिस के लिए हमें एक नेटवर्क को बनाना होता है। यह real-time में हो रहे cyber खतरों (threats) का पता लगाने और जो data कमजोर (sensitive) होते है उन्हें सुरक्षित रखने में सहायता करता है। अगर कभी भी सर्वर (server) में overload या फिर किसी तरह के unauthorized access आदि जैसी समश्या आती है, तो नेटवर्क निगरानी (network monitoring) उनको समय पर ही identify करके downtime avoid करने में सहायता करता है, जिसकी सहायता से business काफी हद तक smoothly चल सकता है। इसके अलाबा भी, यह आने वाले traffic को optimize करके उनकी बाधाओं (bottlenecks) को reduce कर देता है, और resources का एक best utilization सुनिश्चित करता है, जो काफी cost-efficient भी होता है। साथ ही इसमें Capacity planning की भी सुबिधा होती है जिसके जरिए businesses अपने network को आने वाले समय में होने वाली growth के लिए पूरी तरह तैयार रखते है।Network monitoring कैसे काम करती है। - How Network Monitoring Works in Hindi
अगर आपको Network monitoring शुरू करना तो सबसे पहले आपको यह decide करना होगा की आपको, आपके द्वारा बनाए गए पूरे कंप्यूटर नेटवर्क में से कौन सी डिवाइस को मॉनिटर (monitor) करना है, और उस डिवाइस performance metrics क्या होगा। जब भी हम Network monitoring करते है तो उस समय हमको Routers, switches, और servers आदि जैसे critical devices को priority देनी चाहिए, क्योकि इन सभी का होना हमारे business के लिए बहुत ज्यादा जरूरी होता है और साथ ही इन सभी की monitoring frequently का होना भी जरूरी है, क्योकि अगर इनकी monitoring frequently नहीं होगी तो हम इन्हे monitor नहीं कर पाएंगे। इसके अलाबा आपको अलग - अलग तरह की network services के लिए कई अलग - अलग प्रकार (type) के monitoring को भी decide करना होता है। जैसे :- Email Monitoring: यह मॉनिटरिंग को Test emails भेजने और response time को measure करने के लिए develop या बनाया गया है, जो communication को काफी smooth बनाता है।
- Web Server Monitoring: यह मॉनिटरिंग सिस्टम HTTP requests को भेज कर एक specific web pages को access करने और serve होने वाले टाइम को record करने का काम करता है, ताकि websites की जो services है वह अच्छे से perform करे और साथ ही users को एक अच्छा Response भी दे।
- Firewall access monitor करना।
- Bandwidth usage track करना।
- Resource consumption check करना।
- Uptime और network traffic के unexpected changes को detect करना।
Types of Network Monitoring - नेटवर्क मॉनटरिंग के प्रकार।
- Performance Monitoring
- Security Monitoring
- Compliance Monitoring
- Availability Monitoring