Introduction to Neural Network in Hindi
What is Neural Network in Hindi - (न्यूरल नेटवर्क्स क्या होता है?)
Neural Network को समझने के लिए हम अपनी बॉडी में उपस्थित हमारे दिमाग का उदाहरण लेंगे, तो चलिए शुरू करते है, तो जब कभी भी हम कुछ पड़ते या लिखते है तो उस समय क्या आपको यह पता होता है की आपके शरीक का वह कोण सा हिस्सा है जो उस समय काम कर रहा है, जैसे इस समय आप इस पोस्ट को पढ़ रहे हो, तो क्या आपको पता है कि इस आपके शरीर वह कौन सा हिस्सा है जो सोचने का काम कर रहा है? वैसे तो मुझे लगता है की आप जानते ही होंगे लेकिन में फिर भी आपको बता दू की यह काम हमारा Brain (मस्तिष्क) करता है! लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि आखिर हमारा यह ब्रेन काम किस तरह करता है? तो हम आपको बता दे की ब्रेन जो होता है उसके अंदर कई सारे छोटे - छोटे सेल्स मौजूद होते हैं, जिनको हम Neurons (न्यूरॉन्स) के नाम से जानते हैं। ये वही न्यूरॉन्स होते है जो हमारे आसपास के एनवायरनमेंट से information इखट्टा करते हैं, और बाद में उसे अच्छी तरह से समझते हैं, और फिर उसी information को किसी दूसरे न्यूरॉन्स तक भेज देते हैं ताकि हमारा जो शरीर है वह बिना किसी परेशानी के सही तरीके से अपना काम करता रहे।Artificial Neural Networks (ANNs) in Hindi - (आर्टिफीसियल न्यूरल नेटवर्क्स)
Artificial Neural Networks (ANNs) जो होता है उसमे कई सारे छोटे - छोटे artificial neurons मौजूद होते हैं, जिनको हम units के नाम से जानते हैं। ये जो units है वे सभी कई अलग - अलग लेयर्स में व्यवस्थित (arranged) होते हैं और फिर बाद में सभी एक साथ मिलकर एक पूरे neural network को बनाकर तैयार करते हैं। इसकी जो लेयर्स होती है उनमे यूनिट्स की संख्या हमेशा बराबर नहीं होती है यानि इसमें जितनी भी units उपस्थित होती है उनकी संख्या हमेशा अलग - अलग हो सकती है हभी - कभी ऐसा होता है कि किसी जगह सिर्फ कुछ ही मात्रा में units उपस्थित होते हैं, तो कभी किसी जहाज पर एक साथ लाखों units तक उपस्थित हो सकते हैं। Units का होना इस बात पर निर्भर करता है कि आप जिस networks को बना रहे है उसे कितनी complex चीजें सीखनी हैं।Layers of Artificial Neural Network in Hindi - (आर्टिफीसियल न्यूरल नेटवर्क की परतें)
वैसे अगर देखा जाये तो आमतौर पर किसी एक Artificial Neural Network में सिर्फ तीन तरह की layers मौजूद होती हैं:- Input Layer: ये वो लेयर होती है जिसका काम बाहर से आने वाली किसी भी जानकारी (information) को receive करना होता है।
- Hidden Layers: ये वही लेयर होती है जिसमे इनपुट लेयर द्वारा प्राप्त किए हुए data को process किया जाता है। इसके आलावा किसी भी एक network में एक या फिर एक से कई ज़्यादा hidden layers मौजूद हो सकती हैं।
- Output Layer: इस लेयर का काम होता है इससे पहले की हुई सभी प्रोसेस के अनुसार एक final output देना। यानी आसान भाषा में कहे तो यह लेयर किसी network का response तैयार करती है।
Artificial Neural Networks (ANNs) की Units और Connections
ये जो Artificial Neural Networks (ANNs) है उसमे आम तौर पर हर layer के units, किसी दूसरी layer की यूनिट्स से जुड़े (Connected) होते है। जब भी इन layers के यूनिट्स से मिलकर कनेक्शन बनते है तो उन सभी कनेक्शन का अपना खुद का एक अलग weight होता है, जिसका काम यह डिसाइड करना होता है कि किसी भी एक unit का प्रभाब, किसी दूसरी unit पर कितना पड़ेगा। जब भी कभी एक यूनिट से दूसरी यूनिट तक डाटा ट्रांसफर होता है, तो उसके बाद ये जो Neural Network है वह उस डाटा के पैटर्न को समझने लगता है। Training के समय, इन सभी लेयर्स के weights को पहले से ही adjust किया जाता है ताकि ये जो network है वह और भी अच्छी तरह से सीख सके ताकि इससे जो output प्राप्त हो वह कई ज्यादा accurate प्राप्त हो।"Conclusion (निष्कर्ष)
तो दोस्तों, आज के इस ब्लॉग पोस्ट में हमने आसान और सरल भाषा में समझा कि Neural Networks क्या होते हैं और ये कैसे काम करते हैं। हमने इस ब्लॉग की सहायता से जाना कि जिस तरह हमारे दिमाग में Neurons (न्यूरॉन्स) के बीच connections होते हैं, ठीक उसी तरह Artificial Neural Networks (ANNs) में भी कई सारे units और layers आपस में एक दूसरे से जुड़े होते हैं।
आशा करता हूँ कि आपको यह जानकारी पसंद आई होगी और इससे आपको कुछ नया सीखने को मिला होगा। अगर हाँ, तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के साथ भी जरूर शेयर करें। मिलते हैं अगली पोस्ट में, तब तक के लिए धन्यवाद!