Wireless Communication in Hindi – वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है?
दोस्तों, आज की इस ब्लॉग पोस्ट में हम वायरलेस कम्युनिकेशन (Wireless Communication) से सम्बंधित चर्चा करने वाले है। ये एक ऐसी तकनीक है जो हमारी जिंदगी को आसान और तेज बनाती है। तो चलिए, इसे आसान भाषा में समझते हैं कि वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है (What is Wireless Communication in Hindi), इसके प्रकार कौन कौन से होते हैं, आदि को समझेंगे। तो चलिए शुरू करते है!
What is Wireless Communication in Hindi – (वायरलेस कम्युनिकेशन क्या है?)
दोस्तों, जब कभी भी हम Wireless Communication का नाम सुनते है तुरंत हमारे दिमाग में मोबाइल, वाई-फाई या ब्लूटूथ जैसी चीजें आती हैं।
आसान शब्दों में कहें तो Wireless Communication एक ऐसा तरीका है जिसमें बिना किसी तार के डेटा या जानकारी एक डिवाइस से दूसरी डिवाइस तक पहुंचाई जाती है।
यानि इसमें सिग्नल किसी तरह के वायर जरिए नहीं वल्कि हवा में उड़ते हैं और हमारा जो भी काम होता है उसे पूरा करते है।
उदहारण के लिए जब भी हम अपने फोन से वाई-फाई पर गाना सुनते हैं या फिर टीवी रिमोट से चैनल बदलते हैं ऐसे कई काम है जो आज Wireless Communication की वजह से सम्भब हो पाए है।
इस टेक्नोलॉजी को खास तौर पर ज्यादा दूरी तक कम्यूनिकेट करने के लिए बनाया गया है क्योंकि हम सब जानते है कि ज्यादा लंबी दूरी तक तार बिछाना सम्भब नहीं होता है।
इस टेक्नोलॉजी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हम डेटा को हवा, पानी, रेडियो वेव और वैक्यूम आदि के जरिये अंतरिक्ष में भी भेजा सकते है।
लेकिन इसका उपयोग करने से पहले हमें इस बात का काफी ज्यादा ध्यान रखना चाहिए, कि जिस तरह तारों से भेजा गया डेटा सुरक्षित होता है, उस तरह वायरलेस में नहीं होता है।
आसान शब्दों में कहे तो इसका उपयोग करते समय सुरक्षा का काफी ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है।
Types of Wireless Communication in Hindi - (वायरलेस कम्युनिकेशन के प्रकार)
अब चलिए, इसके कुछ मुख्य प्रकारों को एक - एक करके समझते हैं। इसके हर एक प्रकार का अपना अलग काम और खासियत है:
1. इन्फ्रारेड कम्युनिकेशन (Infrared Communication)
ये छोटी दूरी के लिए होता है। उदाहरण के तौर पर, आप अपने टीवी रिमोट से चैनल बदलते हैं, तो वो इन्फ्रारेड की सहायता से होता है। इसमें ऐसी किरणें होती हैं जो हमें दिखाई नहीं देतीं, लेकिन डेटा को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा देती हैं। इसका इस्तेमाल नाइट विजन कैमरों में भी होता है।
2. रेडियो कम्युनिकेशन (Radio Communication)
रेडियो सुनते हैं ना आप? वो AM-FM स्टेशन इसी से चलते हैं। पुलिस वाले अपने वॉकी-टॉकी से बात करते हैं, वो भी रेडियो कम्युनिकेशन है। ये किसी भी दिशा में डेटा भेज सकता है, लेकिन ज्यादा सुरक्षित नहीं होता।
3. माइक्रोवेव कम्युनिकेशन (Microwave Communication)
ये लंबी दूरी के लिए बना है। जैसे कि सैटेलाइट से आपके टीवी तक सिग्नल आते हैं। इसमें रेडियो सिग्नल्स का इस्तेमाल होता है। लेकिन अगर बारिश हो जाए या मौसम खराब हो, तो सिग्नल में दिक्कत आ सकती है।
4. सैटेलाइट कम्युनिकेशन (Satellite Communication)
ये तो गजब की चीज है! इससे पूरी दुनिया में लोग एक-दूसरे से जुड़ते हैं। NASA और दूसरी स्पेस एजेंसियाँ इसका इस्तेमाल करती हैं। ये तेजी से डेटा भेजता है, चाहे आप कहीं भी हों।
5. मोबाइल कम्युनिकेशन (Mobile Communication)
आपके फोन की सिम कार्ड इसी का हिस्सा है। कॉल करना, मैसेज भेजना – सब इसके जरिए होता है। ये वाई-फाई से ज्यादा सुरक्षित भी है।
6. वाई-फाई (Wi-Fi)
घर में वाई-फाई चलाते हैं? ये एक ऐसा नेटवर्क है जो आपके फोन, लैपटॉप को इंटरनेट से जोड़ता है। लेकिन इसकी रेंज कम होती है। और हाँ, पासवर्ड जरूर लगाएं, वरना पड़ोसी मुफ्त में इस्तेमाल करेंगे!
7. ब्लूटूथ (Bluetooth)
फोन से स्पीकर या ईयरफोन जोड़ते हैं ना? वो ब्लूटूथ से होता है। ये करीब 30 फीट तक काम करता है।